हनुमान जी की द्रोणागिरि उड़ान • स्तर १ : समुद्र पार
लक्ष्मण जी मूर्छित हैं और संजीवनी बूटी ही एकमात्र उपाय है।
हनुमान जी के साथ समुद्र और पर्वतों के ऊपर से उड़ें, चट्टानों और तूफ़ानी बादलों से बचें,
बूटियाँ और स्वर्ण दीपक इकट्ठा करें — और द्रोणागिरि पर्वत तक पहुँचें।
मोबाइल: उँगली दबाकर खींचें (ऊपर/नीचे/बाएँ/दाएँ)
डेस्कटॉप: तीर कुंजियाँ या WASD
Sanjeevani Mission — a respectful Ramayan tribute prototype
द्रोणागिरि पर्वत उठ गया!
हनुमान जी संजीवनी लेकर लंका की ओर बढ़ चले। लक्ष्मण जी को नया जीवन मिलेगा।
हनुमान जी थक गए…
चट्टानों और तूफ़ानों से बचते हुए फिर से प्रयास करें। संजीवनी बूटी आपकी प्रतीक्षा कर रही है।